प्रयागराज में महाराजा अग्रसेन जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्वितीय संगम देखने को मिला। ज़ीरो रोड स्थित अग्रसेन इंटर कॉलेज एवं श्री अग्रसेन चौराहे पर श्री अग्रसेन अग्रवाल समाज द्वारा 18 कुण्डीय भव्य महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र का वातावरण वैदिक मंत्रों और आहुति की सुगंध से भर दिया। जैसे ही शाम चार बजे स्वस्तिवाचन के साथ यज्ञ प्रारंभ हुआ, वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ और श्रद्धालु मंत्रोच्चारण के साथ इस दिव्य अनुष्ठान में डूबते चले गए।
इस ऐतिहासिक आयोजन का नेतृत्व समाज के अध्यक्ष श्री पीयूष रंजन अग्रवाल ने किया। उनके मार्गदर्शन और दूरदर्शिता से समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया। आयोजन के संचालन और समन्वय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जयंती संयोजक डॉ. बी.बी. अग्रवाल ने निभाई। उन्होंने न केवल आयोजन की सूक्ष्मताओं पर ध्यान दिया बल्कि हर स्तर पर अनुशासन और सहभागिता सुनिश्चित की। उपस्थित अतिथियों और समाज के वरिष्ठजनों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन उनकी लगन और प्रतिबद्धता का परिणाम है।
महायज्ञ में समाज के 19 दंपत्तियों ने एक साथ हवन कुण्डों में आहुति देकर धर्म, समाज और संस्कृति के संगम का संदेश दिया। वैदिक मंत्रों की ध्वनि और अग्नि की आभा से वातावरण अद्वितीय बन गया। इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज का सान्निध्य विशेष रहा। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि सामूहिक यज्ञ न केवल धार्मिक आस्था को दृढ़ करता है बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सामूहिक एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव को भी बढ़ाता है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं और उनके मार्गदर्शन में समाज निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा।
इस आयोजन में न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल, डॉ. डी.के. अग्रवाल, डॉ. निकुंज अग्रवाल सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। महिला मंडल और युवा मंडल की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत और ऊर्जावान बना दिया। समाज की नई पीढ़ी ने इस आयोजन को अपनी जिम्मेदारी मानकर पूरी निष्ठा से योगदान दिया, जिससे परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत हुआ।
महायज्ञ के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है तो किसी भी परंपरा को और अधिक भव्य और प्रभावशाली रूप दिया जा सकता है।
समाज ने अध्यक्ष श्री पीयूष रंजन अग्रवाल और संयोजक डॉ. बी.बी. अग्रवाल के समर्पण, नेतृत्व और संगठन क्षमता की भरपूर सराहना की। दोनों की भूमिका ने न केवल इस जयंती को ऐतिहासिक बना दिया बल्कि समाज के लिए यह उदाहरण भी प्रस्तुत किया कि कैसे प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि से किसी आयोजन को समाज की स्मृतियों में स्थायी स्थान दिलाया जा सकता है। महाराजा अग्रसेन जयंती का यह आयोजन लंबे समय तक प्रयागराज और समूचे अग्रवाल समाज में एक प्रेरणादायी अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।
-न्यूज़नाउनैशन संपादकीय टीम
प्रयागराज